सहरसा ज़िले का सबसे पुराना शिव मंदिर है। जालंधर धाम रामपुर ।यह शिव मंदिर सहरसा जिले के सौर बाजार प्रखंड के गमहरीया पंचायत में है ।यह सहरसा रेलवे के बैजनाथपुर रेलवे स्टेशन से 3किलोमीटर उत्तर की ओर है यहा जाने के लिए आप को बैजनाथपुर चौक से ऑटो मिल जाएगा ।आप सहरसा आकर रेल या बस से बैजनाथपुर चौक या बैजनाथपुर रेलवे स्टेशन पहुंचे।फिर बहा से आप ऑटो से रामपुर हनुमान चौक पहुंचे बहा से पश्चिम की ओर आप 500 मीटर चले ।आप सीधे शिव मंदिर पहुंच जायेगे। यहां का शिव लिंग शंभू है इसे तिलाबे नदी के किनारे है किवदंती है कि इस शिव लिंग को किसी ने स्थापित नहीं किया है तीलाबे नदी के किनारे किसी संत को यह शिव लिंग के दर्शन हुए थे ये कोई नहीं जनता है कि इस लिंग की स्थापना किसने की थी कालांतर में यह टूट गया था पुनः इसकी पुर्नस्थापना किसी ग्रामीण ने अपने मनोत के पूरा होने पर इस नए मंदिर का पुर्ननिर्माण करवाया था। स्थानीय ग्रामीणों के सहयोग से इसका पुनर्निर्माण चल रहा है।आप भी इस जालंधर नाथ शिव मंदिर में जरूर आए ।यह सावन महीने के हर सोमवार को अगवानी या मुंगेर घाट से काबरिए जलार्पण करते है ।आप भी एक बार जरूर यहां आकर जालंधर नाथ के दर्शन जरूर करे। आप का स्वामी निर्मल जी महाराज फाउंडर निर्मल सेवा संस्थान सहरसा बिहार।
traveling and sanatan temple ke bare men jankari
यह ब्लॉग खोजें
सदस्यता लें
टिप्पणियाँ भेजें (Atom)
भविष्य बद्री मंदिर: कलियुग के अंत में धर्म का प्रकाश
भविष्य बद्री मंदिर: कलियुग के अंत में धर्म का प्रकाश उत्तराखंड के पवित्र चमोली जनपद में स्थित भविष्य बद्री मंदिर एक अत्यंत रहस्यमयी औ...
-
Most popular sun temple in india – सूर्यदेव देव मंदिर औरंगाबाद बिहार सूर्य देव मंदिर औरंगाबाद बिहार राज्य के औरंगाबाद ...
-
काली खोह मंदिर - विन्ध्याचल में एक अद्भुत धार्मिक स्थल काली खोह मंदिर - विन्ध्याचल में एक अद्भुत धार्मिक स्थल विन्ध्याचल , जो ...
कोई टिप्पणी नहीं:
एक टिप्पणी भेजें